Teri Himmat Ko Salam

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कर रहा है देश सारा, तेरी हिम्मत को सलाम,
हर जुबाँ दुहरा रही है,आज बस तेरा ही नाम!!
ओ वतन के पहरुओ, माँ भारती के लाडलो,
गर्व करता आज तुझ पर, देश का हर खासो आम!!
जागता है तू तो सारा,देश सोता चैन से,
हो जहाँ भी सरहदों पर,चैन है तुझको कहाँ!!
गर्मियाँ या सर्दियाँ हों, या कि हों बरसात भी,
जूझता है तू प्रकृति से, सरहदों पर लू जहाँ!!
पर्वतों की चोटियाँ हों, या घने जंगल कहीं,
बाढ़ में हों उफनती, नदियाँ मगर चिंता नहीं!!
अतल सागर में, मरुस्थल की दहकती रेत में,
हों ढलानें पर्वतों की,और समतल खेत में!!
छोड़ कर चिंता सभी माँ, बाप की ,परिवार की,
स्नेह बेटा बेटियों का , प्रेयसी के प्यार की!!
कर रहा रक्षा निरन्तर, देश के अभिमान की ,
एकता की, और भारत वर्ष के सम्मान की!!
रात दिन दिल में तुम्हारे, मातृ-भू का नाम है,
हे सिपाही देश के, तुझको अनंत प्रणाम है!!

******** भूषण ********

 

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